EPFO ने शुरू किया ‘संवेदना सेल’, दिवंगत का पैसा निकालना हुआ आसान, शिक्षा और विवाह की चिंता भी दूर

अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय के. मेहरा ने देहरादून में ईपीएफओ की स्कीम्स के बारे में डिटेल से बताया
देहरादून: EPFO के देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय में शुरू किए गए ‘संवेदना सेल’ के जरिए अब मृत्यु दावों का तेजी से और संवेदनशील तरीके से निपटारा किया जाएगा. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय के. मेहरा ने ‘संवेदना सेल’ की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि यह पहल मृतक कर्मचारियों के परिजनों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसके माध्यम से मृत्यु दावों का त्वरित, पारदर्शी और त्रुटिरहित निपटान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि लाभार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े.
ईपीएफओ के आयुक्त का उत्तराखंड दौरा: अजय के. मेहरा ने उत्तराखंड में EPFO की उपलब्धियों और वर्तमान स्थिति की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में करीब 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान और 7,74,377 अंशदायी सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्राप्त सभी दावों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जा रहा है. इस दिशा में देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय लगातार बेहतर काम कर रहा है.
EPFO ने शुरू किया ‘संवेदना सेल’: अजय के मेहरा ने बताया कि-
‘संवेदना सेल’ एकल संपर्क केंद्र के रूप में कार्य करेगा. EPF, EPS और EDLI योजनाओं के तहत आने वाले सभी मृत्यु दावों को इसी व्यवस्था के माध्यम से संभाला जाएगा. इससे मृतक कर्मचारी के परिजनों को अलग-अलग प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. देहरादून में शुरू की गई इस व्यवस्था को आगे पूरे जोन में लागू करने की योजना है, ताकि सभी क्षेत्रों में मृत्यु दावों का संवेदनशील और समयबद्ध निपटान सुनिश्चित हो सके.
-अजय के मेहरा, आयुक्त, केंद्रीय भविष्य निधि-
PMVBRY से 2 साल में मिलेंगे 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार: अजय के. मेहरा ने केंद्र सरकार की रोजगारोन्मुखी योजना PMVBRY (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana) के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य देश में रोजगार के अवसर बढ़ाना, युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ना और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना है. योजना के तहत विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि लगभग 99,446 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय वाली इस योजना के माध्यम से दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने का अनुमान है.
अब बीमारी, शिक्षा और विवाह के लिए पैसा निकालना हुआ आसान: अजय मेहरा के अनुसार इनमें करीब 1.92 करोड़ ऐसे युवा होंगे, जो पहली बार औपचारिक कार्यबल का हिस्सा बनेंगे. यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक सृजित रोजगारों पर लागू होगी. उन्होंने बताया कि EPFO ने सदस्यों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जटिल प्रावधानों को सरल बनाया है. अब बीमारी, शिक्षा, विवाह, आवास और विशेष परिस्थितियों से जुड़ी निकासी के नियमों को आसान किया गया है.
शिक्षा और विवाह के लिए पैसे निकालने के अवसर बढ़े: उन्होंने बताया कि शिक्षा के लिए अब सदस्य 10 बार तक और विवाह के लिए 5 बार तक आंशिक निकासी कर सकेंगे. पहले विवाह और शिक्षा के लिए कुल मिलाकर केवल तीन बार निकासी की अनुमति थी. इसके अलावा सभी प्रकार की आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को घटाकर 12 महीने कर दिया गया है. हालांकि भविष्य निधि खाते में सदस्य के अंशदान का 25 प्रतिशत हिस्सा न्यूनतम शेष राशि के रूप में बनाए रखना होगा, ताकि सेवानिवृत्ति के समय बेहतर बचत सुनिश्चित की जा सके.
मजबूत हो रहा ईपीएफओ का डिजिटल ढांचा: अजय के. मेहरा ने EPFO के डिजिटल ढांचे को मजबूत बनाने के लिए विकसित किए गए CITES (सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सिस्टम) की भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि यह प्रणाली प्रक्रियाओं को अधिक सरल और तकनीक आधारित बनाएगी. इसके जरिए दावों के निपटान और निकासी संबंधी कार्यों में तेजी आएगी तथा सेवाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेंगी.
समयबद्ध समाधान कर रहा ईपीएफओ: केंद्रीय भविष्य निधि के आयुक्त ने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में शिकायतों का समयबद्ध समाधान, सदस्यों के दावों का त्वरित निस्तारण और पुराने लंबित मामलों का निपटारा शामिल है. इसी दिशा में कई वर्षों से लंबित वेल्हम बॉयज़ स्कूल, देहरादून से जुड़े EDLI छूट (Exemption) मामले का भी सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है. इस अवसर पर वेल्हम बॉयज़ स्कूल की प्रिंसिपल संगीता काइन को EDLI Exemption Order भी सौंपा गया.
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद: कार्यक्रम में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 वी.वी.बी. सिंह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-2 उदित साह, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-2 मोहम्मद जैद, सहायक भविष्य निधि आयुक्त संतोष कुमार और राजेश कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे.
