सप्ताहांत से पहले नैनीताल और मसूरी में बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही

देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सप्ताहांत से पहले पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। विशेष रूप से नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश, धनौल्टी और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के अनुसार इस सप्ताह बुकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे पर्यटन कारोबार में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। पर्यटन विभाग का कहना है कि मानसून के बीच पहाड़ों की हरियाली और सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं।
नैनीताल में नैनी झील, मॉल रोड, स्नो व्यू प्वाइंट, टिफिन टॉप और चिड़ियाघर जैसे प्रमुख आकर्षण पर्यटकों से गुलजार हैं। सुबह से देर शाम तक नौकायन, स्थानीय बाजारों में खरीदारी और प्राकृतिक स्थलों की सैर के लिए लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। होटल संचालकों का कहना है कि सप्ताहांत को देखते हुए अधिकांश कमरों की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है। कई पर्यटक परिवार के साथ छुट्टियां बिताने पहुंचे हैं, जबकि युवा वर्ग एडवेंचर गतिविधियों और ट्रैकिंग का आनंद लेने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों का रुख कर रहा है।
वहीं, मसूरी में भी पर्यटकों की अच्छी आमद दर्ज की गई है। कैमल्स बैक रोड, गन हिल, कंपनी गार्डन, केम्प्टी फॉल और माल रोड पर सुबह से शाम तक चहल-पहल बनी हुई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी, केबल कार और स्थानीय हस्तशिल्प व्यवसाय को काफी लाभ मिल रहा है। लंबे समय बाद पर्यटन कारोबार में आई इस रौनक से स्थानीय लोगों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दे रही है।
ऋषिकेश में भी धार्मिक और साहसिक पर्यटन का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। गंगा आरती, राम झूला, लक्ष्मण झूला, त्रिवेणी घाट और योग केंद्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसके अलावा रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, कैंपिंग और अन्य एडवेंचर गतिविधियों के लिए भी पर्यटकों में उत्साह देखा जा रहा है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है।
पर्यटन विभाग ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए सभी जिलों के प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पार्किंग स्थलों की व्यवस्था मजबूत की गई है तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केंद्रों को सक्रिय रखा गया है। साथ ही आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा सहायता की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें तथा अनावश्यक रूप से सड़क किनारे वाहन खड़े न करें। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पर्यटन स्थलों पर कचरा न फैलाने और प्राकृतिक धरोहरों की स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि पर्यटकों का सहयोग ही उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।
मौसम विभाग ने भी पर्यटकों को सलाह दी है कि यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें और भारी बारिश या भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और केवल अधिकृत पर्यटन गतिविधियों में ही भाग लेने की सलाह दी गई है। पर्वतीय मार्गों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचने की भी अपील की गई है।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, ठंडा मौसम, धार्मिक महत्व और साहसिक पर्यटन गतिविधियां देश-विदेश के पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रही हैं। यदि पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को इसी तरह मजबूत रखा गया तो आने वाले महीनों में राज्य का पर्यटन उद्योग और अधिक गति पकड़ेगा। पर्यटन विभाग ने विश्वास जताया है कि पर्यटकों और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त सहयोग से उत्तराखंड का पर्यटन न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
