Newsbeatआपका शहरखबर हटकरट्रेंडिंग खबरेंताज़ा ख़बरन्यूज़सोशल मीडिया वायरल

केंद्र की मोदी सरकार ने ED डायरेक्टर राहुल नवीन को दिया 1 साल का सेवा विस्तार, आदेश जारी

खबर को सुने

1993 बैच के रेवेन्यू सर्विस ऑफिसर नवीन सितंबर (59 साल) 2023 से फेडरल एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी के चीफ के तौर पर काम कर रहे हैं.

नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है. सरकारी आदेश के मुताबिक अब राहुल नवीन का कार्यकाल 13 अगस्त 2027 तक रहेगा. बता दें, राहुल नवीन को पहली बार सेवा विस्तार दिया गया है.

1993 बैच के इनकम टैक्स कैडर के इंडियन रेवेन्यू सर्विस ऑफिसर नवीन सितंबर (59 साल) 2023 से फेडरल एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी के चीफ के तौर पर काम कर रहे हैं. कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी (ACC) के शनिवार को जारी ऑर्डर में कहा गया है कि उसने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के डायरेक्टर के तौर पर नवीन का कार्यकाल 13 अगस्त, 2026 के बाद एक साल के लिए बढ़ाने को मंज़ूरी दे दी है, यानी 13 अगस्त, 2027 तक, जिसमें उनके रिटायरमेंट की तारीख, यानी 31 जुलाई, 2027 के बाद या अगले ऑर्डर तक, जो भी पहले हो, सर्विस में एक्सटेंशन शामिल है.

नियमों के मुताबिक, किसी अधिकारी को दो साल के कार्यकाल के लिए ईडी (ED) डायरेक्टर नियुक्त किया जा सकता है, जिसके बाद तीन बार एक-एक साल का एक्सटेंशन दिया जा सकता है. नवीन को 15 सितंबर, 2023 को ईडी चीफ का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था. उन्हें 14 अगस्त, 2024 को फुल-टाइम ED डायरेक्टर नियुक्त किया गया था. राहुल नवीन नवंबर 2019 में स्पेशल डायरेक्टर (OSD) के तौर पर ED में शामिल हुए थे. उनका मकसद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा भारत के आपसी मूल्यांकन के संबंध में एजेंसी के काम को लीड करना था. FATF एक ग्लोबल संस्था है जो मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कार्रवाई करती है.

नवीन के कार्यकाल के दौरान ईडी ने कई हाई-प्रोफाइल जांच जारी रखी और शुरू कीं, जिनमें पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप और कई ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों के खिलाफ जांच शामिल हैं. उनके कार्यकाल में ईडी ने रियल एस्टेट की बड़ी कंपनियों द्वारा घर खरीदने वालों के खिलाफ किए गए फ्रॉड के कई मामलों पर ध्यान दिया और एजेंसी ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके पीड़ितों को करोड़ों रुपये की संपत्ति वापस दिलाई.

फेडरल एजेंसी ने सालों से चल रहे लिटिगेशन को कम करने के लिए प्रोसेस भी शुरू किए हैं. इसके लिए रद्द किए गए फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट (FERA) के तहत केस रजिस्टर करवाए गए हैं और फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत कंपाउंडिंग शुरू की गई है. IIT-कानपुर से बी.टेक और एम.टेक की डिग्री और मेलबर्न में स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी से एमबीए (MBA) करने वाले नवीन ने डायरेक्ट टैक्सेशन से जुड़े अलग-अलग इंटरनेशनल टैक्सेशन और ट्रांसफर प्राइसिंग के मुद्दों पर कई किताबें, जर्नल और आर्टिकल भी लिखे हैं.

बिहार के रहने वाले नवीन ने I-T डिपार्टमेंट में 30 साल काम किया है, जिसमें इंटरनेशनल टैक्सेशन विंग भी शामिल है, जिसे उनकी खासियत माना जाता है. ED, FEMA के सिविल नियमों के अलावा, दो क्रिमिनल कानूनों – प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) और फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट (FEOA) के तहत फाइनेंशियल क्राइम की जांच करता है.

Related Articles

Back to top button