दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य-पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनी पर उत्तराखंड में लगा जुर्माना, जानें कारण

पिथौरागढ़ एडीएम कोर्ट ने दो कंपनियों के टोंड मिल्क सैंपल फेल होने पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है
पिथौरागढ़: दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य और पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनी पर उत्तराखंड में जुर्माना लगा है. पिथौरागढ़ के एक जनरल स्टोर से इस मल्टीनेशनल कंपनी के टोंड मिल्क का सैंपल लिया गया था. जांच में सैंपल सब स्टैंडर्ड पाए जाने के 6 साल बाद कोर्ट ने इस कंपनी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. एक अन्य कंपनी का सैंपल फेल होने पर उस पर भी 50 हजार का जुर्माना लगा है.
मल्टीनेशनल कंपनी के दूध का सैंपल फेल: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में टोंड मिल्क का सैंपल अधोमानक (सब स्टैंडर्ड) पाए जाने के मामले में अदालत ने दो नामी फूड कंपनियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही स्थानीय दुकानदार पर भी 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए कार्रवाई की है. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के असिस्टेंट कमिश्नर राजेश शर्मा ने बताया कि-
28 सितंबर 2019 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने थल के बिछुल में दुकानों का निरीक्षण किया था. इस दौरान एक जनरल स्टोर से एक मल्टीनेशनल कंपनी के टोंड मिल्क का नमूना जांच के लिए लिया गया. इस सैंपल को रुद्रपुर की राजकीय लैब में जांच के लिए भेजा गया. 15 अक्तूबर 2020 को जांच रिपोर्ट विभाग को प्राप्त हुई. रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अधोमानक यानी निम्नस्तर का पाया गया. खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में इसका खुलासा हुआ.
-राजेश शर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन-दो कंपनियों पर लगा 50-50 हजार रुपए का जुर्माना: न्याय निर्णायक अधिकारी, एडीएम योगेंद्र सिंह की अदालत ने विक्रेता पर 25,000, निर्माता और विपणनकर्ता कंपनी पर 50-50 हजार (सभी पर कुल 1.25 लाख) रुपये का जुर्माना लगाया है. 28 सितंबर 2019 को खाद्य सुरक्षा विभाग ने थल क्षेत्र के बिछुल में सामंत जनरल स्टोर का निरीक्षण किया था. संदेह होने पर दुकान से विश्व की सबसे बड़ी खाद्य एवं पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनी के टोंड दूध का सैंपल लेकर इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था.
एडीएम कोर्ट ने लगाया जुर्माना: जांच में दूध का सैंपल फेल मिला. दूध में फैट की मात्रा मानकों से कम पाई गई. जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह कठायत ने विक्रेता विद्युल निवासी और निर्माता बाराखंभा लेन, नई दिल्ली और विपणनकर्ता मल्टीनेशनल के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया था. तब से यह मामला एडीएम न्यायालय (Additional District Magistrate) में चल रहा था. इस पर बुधवार को फैसला आया है.
जानें कब क्या हुआ?
- 28 सितंबर 2019 को पिथौरागढ़ खाद्य संरक्षा विभाग ने थल क्षेत्र से टोंड मिल्क के सैंपल लिए
- जनरल स्टोर से लिए गए सैंपल को जांच के लिए रुद्रपुर राजकीय लैब भेजा गया
- 15 अक्टूबर 2020 को लैब से जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई
- जांच रिपोर्ट में टोंड मिल्क सब स्टैंडर्ड होने की पुष्टि हुई
- खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने न्यायालय में वाद दायर किया
- 6 साल तक मामले में सुनवाई चलती रही
- 22 अप्रैल 2026 को पिथौरागढ़ एडीएम कोर्ट ने दोनों कंपनियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
- एडीएम कोर्ट ने जनरल स्टोर मालिक पर भी 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया



