रुद्रपुर में बाघ एक्सप्रेस की टक्कर से नर हाथी की मौत, दो घंटे तक रुकी रही ट्रेन, 1000 यात्री थे सवार

ट्रेन जब रुद्रपुर में हल्दी और छतरपुर रेलवे ट्रैक पर थी उसी दौरान हाथियों का झुंड आवाजाही कर रहा था, तभी हादसा हुआ
उधम सिंह नगर: रुद्रपुर में हल्दी और छतरपुर रेलवे स्टेशन के बीच मंगलवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में ट्रेन की चपेट में आकर नर हाथी की मौत हो गई. लालकुआं से हावड़ा की ओर जा रही बाघ एक्सप्रेस हाथियों के झुंड के बीच से गुजर रही थी. तभी रेलवे ट्रैक पार कर रहा एक नर हाथी ट्रेन की चपेट में आ गया. रेलवे के अनुसार हादसे के वक्त ट्रेन में करीब 1000 यात्री सवार थे. सभी यात्री सुरक्षित हैं.
ट्रेन की चपेट में आया हाथी: टक्कर इतनी जोरदार थी कि हाथी की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे में हाथी का एक दांत भी टूट गया, जबकि रेलवे की विद्युत लाइन को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है. घटना के बाद ट्रेन करीब दो घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही. सूचना मिलते ही वन विभाग और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे. वन विभाग की टीम ने हाथी के शव को ट्रैक से हटवाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. मामले की जांच की जा रही है.
नर हाथी की हादसे में मौत: तराई केंद्रीय वन प्रभाग के रुद्रपुर डिवीजन अंतर्गत हल्दी और छतरपुर रेलवे स्टेशन के बीच मंगलवार देर रात बाघ एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक नर हाथी की मौत हो गई. हादसा रेलवे ट्रैक के पिलर संख्या 55/8 के पास हुआ. घटना के बाद रेलवे और वन विभाग में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की.
करीब दो घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही ट्रेन: हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर हाथी का शव होने और अन्य अव्यवस्थाओं के चलते बाघ एक्सप्रेस करीब दो घंटे तक मौके पर खड़ी रही. इससे रेल यातायात प्रभावित हुआ. घटना की जानकारी मिलने के बाद रेलवे और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. वन विभाग के कर्मचारियों ने रेलवे अधिकारियों के सहयोग से हाथी के शव को ट्रैक से हटाने की कार्रवाई की, जिसके बाद रेल संचालन बहाल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.
वन विभाग ने शुरू की जांच: घटना की सूचना मिलते ही तराई केंद्रीय वन प्रभाग की रुद्रपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम सहित कई वन कर्मचारी मौके पर पहुंचे. वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई. अधिकारियों ने रेलवे विभाग के कर्मचारियों से भी बातचीत की, ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके.
वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के अनुसार-
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी. मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि रेलवे अधिकारियों के साथ भी बातचीत की गई है. रेलवे ट्रैक पर हाथियों की आवाजाही को देखते हुए ट्रेन की गति नियंत्रित रखने और लगातार हॉर्न बजाने जैसे सुरक्षा उपायों पर जोर दिया जाएगा.
-रूपनारायण गौतम, वन क्षेत्राधिकारी-
हाथी के टूटे दांत को रेलवे ने लिया कब्जे में: हादसे में नर हाथी का एक दांत टूट गया था, जिसे रेलवे ने अपने कब्जे में ले लिया. टूटे हुए दांत को आज बुधवार को वन विभाग के सुपुर्द किया गया है. वन विभाग की निगरानी में हाथी के शव का पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार किया गया.
हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्र में सुरक्षा पर सवाल: हल्दी और छतरपुर के बीच का क्षेत्र हाथियों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में रेलवे ट्रैक पर हाथियों की मौजूदगी के दौरान ट्रेन संचालन में अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है. इस हादसे के बाद वन्यजीवों की सुरक्षा और रेलवे ट्रैक पर दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.
वन विभाग और रेलवे के बीच समन्वय बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर ट्रेन की गति नियंत्रित रखने तथा हाथियों की मौजूदगी के दौरान हॉर्न बजाने जैसे उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.



