12 घंटे से 6 साल की विधिका की तलाश जारी, कूड़े के दलदल के कारण रेस्क्यू में आ रही दिक्कत, कल नाले में बही थी

6 साल की विधिका सोमवार शाम सहेली के साथ खेलते समय नाले में बह गई थी, सहेली को लोगों ने बचा लिया था
हरिद्वार: सिडकुल थाना क्षेत्र के रावली महदूद गांव में सोमवार शाम नाले के तेज बहाव में बही छह वर्षीय मासूम बच्ची विधिका का 12 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है. बच्ची की तलाश में एसडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और शिवालिक नगर पलिका की टीम ने रातभर रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली.
रात भर चला विधिका की तलाश के लिए सर्च अभियान: मंगलवार सुबह दोबारा सर्च अभियान शुरू कर दिया गया. नाले में भारी मात्रा में कूड़ा जमा होने और जगह जगह लोगों की ओर से सीवर लाइन डाले जाने के कारण एसडीआरएफ की टीम को तलाशी अभियान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय विधायक आदेश चौहान भी घटना स्थल पर पहुंचे और बच्ची के परिजनों से मुलाकात कर रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली.
बिजनौर का रहने वाला है विधिका का परिवार: बता दें कि विधिका के पिता गौतम कुमार मूल रूप से बिजनौर के ग्राम फरीदपुर मान उर्फ पपड़ावली की रहने वाले हैं. वर्तमान में उसका परिवार सिडकुल के रावली महदूद क्षेत्र में कृपाल स्कूल के पास किराये पर रहता है. परिजन सिडकुल में मजदूरी करते हैं. सोमवार शाम बारिश के दौरान विधिका अपनी सात वर्षीय सहेली हिमानी के साथ खेल रही थी. इसी दौरान दोनों बच्चियां नाले में गिर गईं और तेज बहाव में बहने लगीं.
मंगलवार को सहेली के साथ खेलते समय नाले में गिरी थी विधिका: आसपास मौजूद लोगों ने हिमानी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि विधिका तेज बहाव में बहकर लापता हो गई. सूचना पाकर सिडकुल थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची. रातभर नाले के अंदर और आसपास के स्थानों पर सर्च अभियान चलाया गया. नाले में पानी का बहाव तेज होने के साथ ही बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा होने के कारण रेस्क्यू टीम को कई जगह परेशानी उठानी पड़ी.
नाले में जमा है कूड़े का ढेर: बताया जा रहा है कि नाले के ऊपर कूड़े के ढेर जमा हैं और अंदर से स्थानीय लोगों ने सीवर की लाइनें भी डाल रखी हैं. इससे नाले का रास्ता कई जगह बाधित है और टीम को तलाशी के दौरान सावधानी बरतनी पड़ रही है. घनी आबादी होने के कारण नाले के आसपास भी काफी अतिक्रमण और निर्माण होने से रेस्क्यू में दिक्कत उठानी पड़ रही है.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: एसडीआरएफ की टीम ने जेसीबी की मदद से नाले के अलग अलग हिस्सों में तलाशी लेने के साथ संभावित स्थानों को चिन्हित कर सर्च अभियान चलाया. नगर पालिका के सफाई कर्मचारी भी मैन्युअली नाले में उतरकर तलाश कर रहे हैं. जेसीबी की मदद से नाले से कूड़ा हटाने का काम भी किया गया. हालांकि देर रात तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका. मंगलवार सुबह एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने फिर से अभियान शुरू कर दिया, जो अभी तक जारी है. मौके पर लोगों की भीड़ जमा है और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.
लोगों ने नाले में डाल रखी हैं सीवर लाइन: एसडीआरएफ के एसआई आशीष त्यागी ने बताया कि-
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सूचना मिलती ही टीम मौके पर पहुंची और बच्ची की तलाश में टीम ने रातभर सर्च अभियान चलाया. नाले में कूड़ा अधिक होने और कई स्थानों पर सीवर लाइन डाली होने के कारण रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं. इसके अलावा क्षेत्र घनी आबादी वाला है. इसके बावजूद टीम लगातार संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है. बच्ची को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.-आशीष त्यागी, एसआई, एसडीआरएफ-
विधिका को खोजने में क्यों आ रही है दिक्कत? जिस नाले में विधिका बही वो गंदगी से पटा है. लोगों ने नाले को कूड़ा डंपिंग जोन बना रखा है. ऐसे में बारिश रुकने के बाद पानी कम हुआ तो नाले में कूड़ा जनित दलदल है. इसके साथ ही नाले पर हर तरफ से लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है. नगर पालिका से चोरी-छिपे नाले में सीवेज लाइनें डाल रखी हैं. इस कारण रेस्क्यू टीमों को कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है.


